A stunning view of sunlight streaming through the leaves of a tree canopy, highlighting nature's beauty.

ज़िंदगी

ज़रूरी नहीं हर राह पर मोड़ आए, ज़रूरी नहीं हर लफ़्ज़ का कोई मूल्य हो, कुछ बातें अधूरी, अनसुनी ही ठीक थीं, कुछ फ़ैसले ग़लत थे, कुछ नासमझ से। कई यादें अब दिल में दफ़्न हैं, जिनमें हम आज भी ठहरे हुए हैं, अपनी तन्हाई का सामना करते हुए… हम Read more

Close-up of firewood burning with bright flames in a wood-fired oven. Perfect for culinary and warmth themes.

जुनून

जो रातों को सोने न दें,वो ख़्वाब अलग होते हैं,जो आँखों में जलती रहें,वो आग अलग होती है। सीधे रास्ते अक्सर मंज़िल से दूर ले जाते हैं,लेकिन जो अपनी मंज़िल ख़ुद तराशे,उसकी बात ही अलग होती है। दुनिया जिसे पागलपन समझे,उसे कर गुज़रने का दीवानापनही तो जुनून होता है। ज़िंदगी Read more

A stained old paper with a handwritten poem creating a vintage and moody atmosphere.

अनसुनी

कुछ बातेंअक्सर अनसुनी रह जाती हैं, रह जाती हैं उस दिल केछोटे से कोने में।रह जाती हैं बोझ बनकर, रह जाती हैं एक हल्की-सी चोट बनकर,जिसका मरहम न कोई है,न कभी था। किसे सुनाएँ वो दास्तानजिसका कोई गवाह नहीं, बस मैं और मेरी तन्हाई,और ये ठहरा हुआ लम्हा जो गुज़रता Read more

A typewriter creates poetic lines on paper amidst Scrabble tiles spelling 'POETRY'.

तो फिर ज़िंदा हो तुम…

सफ़र के हर मोड़ पर,बदलते मंज़रों में,जब नज़रें घुमाईं,तो जाना किज़िंदगी कोई मंज़िल नहीं,बस एक रास्ता है। चलती हवा ने जबछूकर यह बातयाद दिलाई,कि हर साँस का इस पलसे एक गहरा नाता है। ये जो ख़्वाबों के परिंदे हैं,ये जो दिलों में एकबेनाम-सा सन्नाटा है… तो पीछे जो छूट गया,उस Read more