कुछ बातें
अक्सर अनसुनी रह जाती हैं,

रह जाती हैं उस दिल के
छोटे से कोने में।
रह जाती हैं बोझ बनकर,

रह जाती हैं एक हल्की-सी चोट बनकर,
जिसका मरहम न कोई है,
न कभी था।

किसे सुनाएँ वो दास्तान
जिसका कोई गवाह नहीं,

बस मैं और मेरी तन्हाई,
और ये ठहरा हुआ लम्हा जो गुज़रता नहीं।

~Janya


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