जो रातों को सोने न दें,
वो ख़्वाब अलग होते हैं,
जो आँखों में जलती रहें,
वो आग अलग होती है।
सीधे रास्ते अक्सर मंज़िल से दूर ले जाते हैं,
लेकिन जो अपनी मंज़िल ख़ुद तराशे,
उसकी बात ही अलग होती है।
दुनिया जिसे पागलपन समझे,
उसे कर गुज़रने का दीवानापन
ही तो जुनून होता है।
ज़िंदगी तो हर कोई गुज़ार लेता है यहाँ,
पर उसे जीना…
सबसे अनमोल तोहफ़ा है।
अगर साँसों में इन ख़्वाबों को जीने का हौसला नहीं,
तो तुम ही बताओ फिर…
बिना जुनून के
इस ज़िंदगी में क्या ही सुकून?
~Janya
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