सफ़र के हर मोड़ पर,
बदलते मंज़रों में,
जब नज़रें घुमाईं,
तो जाना कि
ज़िंदगी कोई मंज़िल नहीं,
बस एक रास्ता है।
चलती हवा ने जब
छूकर यह बात
याद दिलाई,
कि हर साँस का इस पल
से एक गहरा नाता है।
ये जो ख़्वाबों के परिंदे हैं,
ये जो दिलों में एक
बेनाम-सा सन्नाटा है…
तो पीछे जो छूट गया,
उस पर अफ़सोस क्यों?
अगर इस बहती हवा के साथ
तुम मुस्कुरा सको…
तो फिर ज़िंदा हो तुम।
~Janya
(Inspired by the timeless poetry of Javed Akhtar in Zindagi Na Milegi Dobara.)
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